चाय, काफी, शराब, तेज मिर्च-मसाले, तले पदार्थ, मैदा से बने पदार्थ, शीतल पेय, शक्कर आदि। मोटापा अनेक रोगों की जननी है ।जितने भी संसार में रोग हैं, उनमें से अधिकतर जैसे- मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, , घुटने का दर्द, कमरदर्द, लकवा, व अन्य रोग मोटापे की वजह से हो जाते हैं।

सामान्य जीवन जीने वाले व्यक्ति को 1500 से 2100 कैलोरी का आहार ग्रहण करना चाहिए, किन्तु स्वाद के वशीभूत होकर हम 3000 से 4000 कैलोरी का भोजन करते हैं।
भोजन की अनियमितता, व्यायाम का अभाव, तनाव ये प्रमुख कारण है? जिनके कारण मोटापा होता है। भोजन : उच्च कैलोरी का आहार मोटापा बढ़ाने में सहायक है।


मोटे व्यक्ति अपनी उम्र का 25-30% कम जी पाते हैं। इसी वजह से मोटे व्यक्ति असमय काल में मुँह में चले जाते हैं। मोटापे की वजह से शरीर के सम्पूर्ण अंगों पर कार्य का बोझ बढ़ जाता है।
इस बजह से ये अंग अपनी क्षमता जल्दी खोकर बीमार हो जाते हैं। व्यायाम : यह श्रेष्ठ उपाय है, जिससे चर्बी को कम किया जा सकता है। व्यायाम की अवधि धीरे-धीरे बढ़ाते हुए करें।

मोटापा अनेक रोगों की जननी : जितने भी संसार में रोग हैं, उनमें से अधिकतर जैसे- मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, स्नायु रोग, वात रोग, घुटने का दर्द, कमरदर्द, लकवा, स्नायुरोग व अन्य रोग मोटापे की वजह से हो जाते हैं।
मोटे व्यक्ति अपनी उम्र का 25-30% कम जी पाते हैं। इसी वजह से मोटे व्यक्ति असमय काल में मुँह में चले जाते हैं। मोटापे की वजह से शरीर के सम्पूर्ण अंगों पर कार्य का बोझ बढ़ जाता है।
● भोजन में न्यूनतम नमक ग्रहण करें। क्योंकि कम नमक का सेवन करने से शरीर में पानी की मात्रा कम होती है। नमक का अत्यधिक सेवन शरीर के कोषों में पानी की मात्रा बढ़ाता है।
● शक्कर का न्यूनतम उपयोग करें। शक्कर के स्थान पर प्राकृतिक मीठे आहार जैसे किशमिश, मनुक्का, खजूर व शहद जैसे खाद्यों का सेवन करें।
● भोजन में साग-सब्जी व फल का पर्याप्त प्रयोग करें, क्योंकि इनकी अधिक मात्रा भी कम कैलोरी की होती है। फल व सब्जी के पर्याप्त सेवन से शरीर में क्षार तत्व की मात्रा बढ़ती है, जिससे स्वास्थ्य प्राप्त होता है।
● दैनिक जीवन में व्यायाम को समय स्थान दें।
Follow us